छावनी परिषद कार्यालय, रानीखेत


जिला अल्मोड़ा,

पिन कोड 263645 उत्तराखण्ड


दूरभाष संख्या 05966 220228


फैक्स संख्या 05966 220614

पूछताछ



ई-मेल ceoranikhet@gmail.com

वन अनुभाग

छावनी आरक्षित वन स्थापित वर्ष 1887


आरक्षित वन क्षेत्र - 1029 हैक्टेयर


स्टेशन क्षेत्र - 372.4 हैक्टेयर


सैन्य क्षेत्र - 267.5 हैक्टेयर


छावनी परिषद, रानीखेत आरक्षित वन क्षेत्रः-


छावनी परिषद रानीखेत आरक्षित वन क्षेत्र में छः बीट हैं-


1. पूर्वी चैबटिया बीट


2. पश्चिमी चैबटिया बीट चैबटिया जोन।


3. पश्चिमी झूलादेवी बीट



4. पूर्वी झूलादेवी बीट


5. पूर्वी सदर बीट सदर जोन।


6. पश्चिमी सदर बीट


प्रत्येक बीट में वनों की सुरक्षा हेतु एक वन रक्षक नियुक्त होता है एवं तीन बीटों में वनों की सुरक्षा एवं वन रक्षकों के पर्यवेक्षण हेतु एक वन दरोगा नियुक्त होता है। इसी प्रकार दोनो जोनों में वन रक्षकों एवं वन दरोगाओें के कार्य का सत्यापन एवं निरीक्षण उप वन राजिक एवं वन राजिक द्वारा किया जाता है।छावनी परिषद वन की सुरक्षा हेतु नियुक्त कर्मचारी।


1. वन क्षेत्राधिकारी - 1


2. उप वन क्षेत्राधिकारी - 1


3. वन दरोगा - 2


4. वन रक्षक - 6


5. मजदूर - 4


6. हैड माली - 1


7. माली - 6


वन अपराध पर नियन्त्रण


किसी भी व्यक्ति द्वारा छावनी वनों से अवैध रूप से वृक्षों को काटने, वृक्षों की पत्ती काटने, शिकार करने, खनन करने तथा जड़ी बूटी निकालने पर पकड़े जाने पर वन अपराध के अनुरूप छावनी अधिनियम/भारतीय वन अधिनियम की धाराओें के अनुसार वन अपराध वसूला जाता है।


वृक्षों का निस्तारण


अ) हरे वृक्षों का निस्तारण- खतरनाक हरे खड़े वृक्षों के निस्तारण हेतु प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा से अनुमति प्राप्त होने के पश्चात् नीलामी द्वारा हरे खड़े वृक्षों का निस्तारण किया जाता है।


ब) सूखे खड़े, गिरे एवं उखडे़ वृक्ष- सूखे, गिरे एवं उखड़े वृक्षों का निस्तारण छावनी वन क्षेत्र में निवास करने वाली जनता की आवश्यकता के मद्देनजर ईंधन एवं शवदाहगृह में ईंधन हेतु किया जाता हैै।


बिक्री का मूल्यः-



जलाऊ लकड़ी (घरेलू दर) ₹ 300/- प्रति कुन्तल


जलाऊ लकड़ी (व्यवसायिक दर) ₹ 450/- प्रति कुन्तल


शवदाहगृह हेतु ईंधन ₹ 180/- प्रति कुन्तल



शाख तरासीः-


छावनी क्षेत्रान्तर्गत निवास करने वाले व्यक्तियों द्वारा अपने भवन के समीप स्थित वृक्षों की शाखाओं को काटने की अनुमति हेतु आवेदन प्र्रस्तुत करने पर वन कर्मचारियों द्वारा उक्त शाखाओं का निरीक्षण तथा शाखाओं से बनने वाले ईंधन का आंकलन कर सूचना मुख्य अधिशासी अधिकारी को प्रेषित की जाती है। मुख्य अधिशासी अधिकारी द्वारा सूचना को छावनी परिषद की बैठक में विचारार्थ रखा जाता है तथा बैठक की संस्तुति के पश्चात् आवेदनकर्ता से शाख तरासी वाली शाखाओं का मूल्य जमा करवाकर तथा शर्तों के आधार पर शाख तरासी की अनुमति प्रदान की जाती है।



वृक्षारोपणः-


छावनी परिषद द्वारा छावनी क्षेत्रान्तर्गत रिक्त भूमि में वृक्षारोपण कार्य किया जाता है। वृक्षारोपण कार्य हेतु मध्य कमान लखनऊ की स्वीकृति पश्चात् 20 वृक्षारोपण अस्थाई मजदूर नियुक्त कर चैड़ी प्रजाति के लगभग 10,000 पौध प्रतिवर्ष रोपित की जाती है।


वनाग्नि से सुरक्षाः-



वनों की अग्नि से सुरक्षा हेतु मध्य कमान लखनऊ की स्वीकृति पश्चात् 20 अग्निरक्षक 89 दिवस हेतु अस्थाई रूप से नियुक्त किये जाते है तथा वन कर्मचारियों व अग्निरक्षकों की सहायता से वनों की अग्नि से सुरक्षा की जाती है।



चुगानः-



वनों में मवेशियों के चुगान पर निम्न प्रकार से चुगान शुल्क प्रतिमाह वन रक्षक के माध्यम से मवेशी धारकों से वसूल कर परिषद में जमा किया जाता है तथा चुगान हेतु पास निर्गत किया जाता है।




गाय, भैंस, बकरी, घोड़ा - ₹ 20/- प्रति माह


बछड़ा - ₹ 15/- प्रति माह



वनों से सूखी लकड़ी बीनने हेतु पासः-



छावनी वन से सूखी-गिरी पतली शाखाओं को बीनने हेतु छावनी परिषद द्वारा माह नवम्बर से माह जनवरी तक ₹ 150/- प्रतिमाह के पास निर्गत किये जाते हैं।



घास काटने हेतु पासः-



घेराबन्दी वृक्षारोपण क्षेत्र में घास काटने हेतु



छावनी परिषद द्वारा अपने घेराबन्दी वृक्षारोपण क्षेत्र में घास काटने हेतु दो वर्षों हेतु मुहरबन्द निविदाऐं आमंत्रित की जाती हैं सफल निविदादाता द्वारा वृक्षारोपण क्षेत्र में होने वाली घास को रोपित पौधों को बिना नुकसान पहुँयाये काटना होता है एवं ग्रीष्म काल मंे रोपित पौधों की सुरक्षा करनी होती है।



आरक्षित वन क्षेत्रः-



आरक्षित वन क्षेत्र से घास काटने हेतु मुख्य अधिशासी अधिकारी की अनुमति के पश्चात् ₹ 75/- प्रतिमाह प्रति व्यक्ति पास निर्गत किये जाते हैं।



प्राकृतिक जल श्रोतों का आवंटनः-



छावनी वन शाखा द्वारा छावनी क्षेत्रान्तर्गत स्थित जल श्रोतों का सिंचाई के उपयोग हेतु जनता को प्रार्थना पत्र के आधार आवंटन किया जाता है



सौंदर्यीकरण से सम्बन्धित कार्यः-



छावनी परिषद द्वारा छावनी क्षेत्रान्तर्गत रानीझील एंव 25 छोटे-बड़े पार्क निर्मित किये गये हैं जिनकी देखभाल एवं रखरखाव का कार्य वन अनुभाग के सात मालियों द्वारा किया जाता है। मालियों द्वारा पार्कों में मौसमी एवं सदाबार पुष्प रोपित किये जाते हैं।



पौधालयः-



छावनी वन शाखा द्वारा छावनी वनों एवं पार्कों में रोपित किये जाने वाले पौधों को तैयार किया जाता है।



वेबसाइट अद्यतन 01/01/2017    आगंतुक   संख्या